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खांड्यूसैंण के ग्रामीणों ने मोटर मार्ग पर लगाया जाम पौड़ी। मंगलवार शाम देवप्रयाग पौड़ी मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण के पास गुलदार के हमले में चार वर्षीय मासूम बच्ची की मौत के बाद क्षेत्र में ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। मंगलवार शाम विधायक का घेराव करने के बाद बुधवार को ग्रामीणों से मिलने पहुंचे पौड़ी तहसीलदार और वन विभाग एसडीओ…
पांच लाख जुर्माने से लेकर मदरसा बंद होने तक की कार्रवाई का प्रावधान देहरादून। उत्तराखंड में मदरसों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अब ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिनमें मदरसे विद्यालयी शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त होने के बावजूद उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में पंजीकरण कराने से बच रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें…
पांच टेकर अभी भी हैं लापता उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के केदारताल ट्रेकिंग मार्ग पर बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण फंसे आठ सदस्यीय ट्रेकिंग दल की तलाश में चलाए जा रहे बचाव अभियान के दौरान अब तक तीन शव बरामद किए गए हैं। इनमें से दो महिलाओं की पहचान उनके परिजनों ने कर ली है, जबकि तीसरे शव की शिनाख्त…
खांड्यूसैंण के ग्रामीणों ने मोटर मार्ग पर लगाया जाम पौड़ी। मंगलवार शाम…
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रदेश के सभी जिला एवं उपजिला…
जनभागीदारी से ही टीबी उन्मूलन संभव: राज्यपाल राज्यपाल व स्वास्थ्य मंत्री ने…
मां बनने की उम्र वही, जब तन व मन की तैयारी सही…
नवनियुक्त डीएम ने की पत्रकार वार्ता जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण…
स्वास्थ्य महकमे में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्यः डॉ धन सिंह डीजी हेल्थ व…
टिहरी। टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर प्राइवेट बस के पलटने से उसमें सवार…
पीजी कोर्स के उपरांत राज्य सेवा में लौटे डॉक्टरों को मिली तैनाती…
राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने जारी किये परीक्षा परिणाम 31 नर्सिंग…
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कचहरी स्थित शहीद स्थल पर धरना देकर ज्ञापन सौंपा जाएगा देहरादून। राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग को लेकर आदंलनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया जिनको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर चिन्हीकरण से वंचित आंदोलनकारी दिलाराम चौक पर एकत्र हुए और जुलूस के रूप में मुख्यमंत्री आवास की ओर रवाना हुए। प्रशासन की ओर से तैनात ड्यूटी मजिस्ट्रेट और कोतवाल पुलिस ने कैंट रोड पुल के पास जुलूस के बीच पहुँचे और उच्चाधिकारियों का संदेश दिया कि वीवीआईपी मूवमेंट के कारण पूरा अमला व्यस्त है, इसलिए परिषद के प्रतिनिधिमंडल को चिन्हीकरण के संबंध में वार्ता के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके बाद आंदोलनकारियों ने ज्ञापन देने पर सहमति व्यक्त की। कार्यक्रम के समापन के दौरान परिषद ने घोषणा की कि 9 नवंबर 2026 को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कचहरी स्थित शहीद स्थल पर धरना देकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान तत्कालीन नारायण दत्त तिवारी सरकार में चिन्हीकरण प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन तकनीकी बाधाओं और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के कारण बड़ी संख्या में वास्तविक आंदोलनकारी आज भी पहचान से वंचित हैं। कई आंदोलनकारियों के पास जेल प्रमाणपत्र या पुलिस रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने मांग की है कि चिन्हीकरण की तिथि तत्काल बढ़ाई जाए और सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण किया जाए। चिन्हीकरण प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए ख्न पुराने चिन्हित आंदोलनकारियों के सत्यापन तथा समकालीन अखबार की कतरनों को वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाए। 2 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरनगर कांड के शहीद स्थल पर दिए गए आश्वासन का सम्मान करते हुए सभी छूटे हुए वास्तविक आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण किया जाए। चिन्हीकरण से वंचित आंदोलनकारियों के परिवारों को समुचित सम्मान एवं सुरक्षा प्रदान की जाए। परिषद ने कहा कि राज्य की स्थापना हजारों अज्ञात आंदोलनकारियों के बलिदान और संघर्ष का परिणाम है। चिन्हीकरण में देरी उनके त्याग का अपमान है। कई वृद्ध आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण की प्रतीक्षा में निधन हो चुका है, जो अत्यंत दुखद है। ज्ञापन पर संयुक्त परिषद के संरक्षक बालेश बबानिया, जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, महिला अध्यक्ष प्रमिला रावत, राज्य आंदोलनकारी अंबुज शर्मा, केंद्रीय प्रवक्ता चिंतन सकलानी, अनंत आकाश (सचिव, सीपीएम), लेखराज पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डीएवी, राजेश शर्मा, जगमोहन रावत, विकास रावत,सत्या पोखरियाल,सुभागा फर्स्वाण, अमित परमार और नुरैशा अंसारी, कुसुम नौडियाल, दीप्ति रावत सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। इस अवसर पर पुष्पलता वैश्य, राजदुलारी, कल्पेश्वरी नेगी, रेखा शर्मा, पारूल बिष्ट, मीरा गुसाईं, मुकेश मोधा, कमलेश, शाकुम्भरी रावत, बिन्दा मिश्रा, जानकी भटृ, अल्का, सुरेशी नेगी, शबनम, राजेश्वरी, शशिजैन, मोहिनी, गौरा देवी, मधुलिका बिष्ट, सीता रावत, गीता नेगी, सुमन राम, शीला जखमोला, सत्येश्वरी बहुगुणा, पुष्पा बहुगुणा, कमला, विमला, देवेश्वरी, कमला आदि बडी संख्या में आन्दोलनकारी शामिल थे।
खांड्यूसैंण के ग्रामीणों ने मोटर मार्ग पर लगाया जाम पौड़ी। मंगलवार शाम देवप्रयाग पौड़ी मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण के पास गुलदार के हमले में चार वर्षीय मासूम बच्ची की मौत…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अंतर्गत उत्तराखंड में नियोजित, संतुलित एवं सतत शहरी विकास को गति देने के उद्देश्य से आवास विभाग द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित अमृत 1.0 योजना के अंतर्गत प्रस्तावित हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर आज राज्य सचिवालय, देहरादून में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भविष्य के शहरों का रोडमैप बैठक में हरिद्वार एवं रुड़की क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें भूमि उपयोग, आवासीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास, यातायात प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई। शशि मोहन श्रीवास्तव, चीफ टॉउन एंड कन्ट्री प्लॉनर ने इस योजना की बावत सभी महत्वपूर्ण जानकारी सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार से साझा की। शशि मोहन श्रीवास्तव द्वारा महायोजना के प्रारूप की विस्तृत प्रस्तुति देते हुए अब तक की गई कार्यवाही और आगामी चरणों की जानकारी दी गई। सार्वजनिक सहभागिता को मिला विशेष महत्व उल्लेखनीय है कि हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर सार्वजनिक सुनवाई की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत हरिद्वार महायोजना के लिए लगभग 350 तथा रुड़की महायोजना के लिए लगभग 550 सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। बैठक के दौरान इन सभी आपत्तियों एवं सुझावों पर बिंदुवार चर्चा करते हुए उनके निस्तारण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर मंथन किया गया। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त प्रत्येक सुझाव का गंभीरता, पारदर्शिता एवं नियमानुसार परीक्षण किया जाए, ताकि महायोजना जनअपेक्षाओं के अनुरूप और व्यावहारिक बन सके। नियोजित विकास से सशक्त होगा हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 का उद्देश्य केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, बेहतर यातायात व्यवस्था, सुदृढ़ आधारभूत ढांचा और नागरिकों को उच्च जीवन स्तर प्रदान करना भी शामिल है। सार्वजनिक सुनवाई के माध्यम से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया है, ताकि महायोजना वास्तविक जरूरतों को प्रतिबिंबित कर सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए महायोजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए, जिससे क्षेत्र के नियोजित एवं सतत विकास को नई गति मिल सके। शीघ्र अनुमोदन की दिशा में कार्रवाई बैठक के अंत में आवास सचिव द्वारा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि इसे शीघ्र शासन स्तर पर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि महायोजना का प्रभावी क्रियान्वयन आने वाले वर्षों में हरिद्वार एवं रुड़की को आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। भारतीय सेना के युवाओं को जागरूक और प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘कारवां टॉकीज़ - जाइन इण्डियन आर्मी’ अभियान के अंतर्गत 15 और 16 जुलाई को…
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