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मंगलवार को विद्युत नियामक आयोग का आया बड़ा फैसला यूपीसीएल ने बिजली दरों में करीब 17 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था देहरादून। चुनावी साल में उत्तराखंड की जनता को बड़ी राहत मिली है। बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी के प्रस्ताव के बीच नियामक आयोग ने अहम फैसला लेते हुए आम उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं बढ़ने दिया…
रोड रेज और हुड़दंग की घटनाओं पर व्यक्त की नाराजगी देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में शहर की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में हाल के दिनों में बढ़ती रोड रेज और हुड़दंग की घटनाओं पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए पुलिस…
राजपुर रोड पर रिटायर ब्रिगेडियर की गोली लगने से हुई हत्या देहरादून। रिटायर लोगों का शहर कहे जाने वाले देहरादून में अब रिटायर लोग भी सुरक्षित नहीं है। जिसका ताजा उदाहरण गत दिवस रिटायर ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से हत्या होना है। गत दिवस दो गाड़ियों में सवार लोगों से एक दूसरे से लड़ाई का बदला लेने…
मंगलवार को विद्युत नियामक आयोग का आया बड़ा फैसला यूपीसीएल ने बिजली…
स्वास्थ्य महकमे में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्यः डॉ धन सिंह डीजी हेल्थ व…
टिहरी। टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर प्राइवेट बस के पलटने से उसमें सवार…
पीजी कोर्स के उपरांत राज्य सेवा में लौटे डॉक्टरों को मिली तैनाती…
राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने जारी किये परीक्षा परिणाम 31 नर्सिंग…
एम्स ऋषिकेश में पांचवां दीक्षांत समारोह आयोजित देश के प्रत्येक गरीब व्यक्ति…
रुद्रप्रयाग। गढ़वाल लोक सभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल…
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या साल…
मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में चार और पिथौरागढ़ में तैनात होंगी दो फैकल्टी…
मैदानी जिलों से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों में हत्याओं से लोगों में खौफ बाहरी राज्यों से आए छात्रों में गैंगवार को लेेकर लोगों में बच्चों को लेकर असुरक्षा का भाव अदालतों की जा रही पुलिसिया कमजोर पैरवी का भी लाभ ले रहे अपराधी देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में बीते कुछ महीनों के दौरान बढ़ते अपराधों ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश की राजधानी देहरादून समेत हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल व कई पर्वतीय जिलों में सामने आए मामलों ने आमजन में असुरक्षा की भावना को बढ़ाया है। दून में झारखंड के हिस्ट्रीशीटर की खुले आम हत्या, उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्रों में गैंगवॉर, बढ़ी महिलाओं की हत्याएं, हुड़दंग, नशा तस्करी, जमीन से जुड़़ी धोखाधड़ी, प्रदेश बाहरी अपराधियों की सक्रियता और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के मुद्दे अब प्रमुख चिंता बनकर उभरे हैं। यह सवाल प्रदेशवासियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा दर्शा रहे हैं। राजधानी देहरादून में राजपुर रोड, प्रेमनगर और पटेलनगर क्षेत्रों से देर रात हुड़दंग होता हुडदंग, मारपीट और स्टंटबाजी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। प्रदेश में आए दिन नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई के बावजूद सप्लाई नेटवर्क खत्म न होने पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच झारखंड के एक हिस्ट्रीशीटर की राजधानी में दिन निकलते ही वीआईपी रोड राजपुर रोड खुलेआम हत्या ने कानून व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हरिद्वार के ज्वालापुर और सिडकुल क्षेत्र में चोरी, लूट और स्नैचिंग, लोन डिफॉल्टर वाहन रिकवरी एजेंटों की दबंगई की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर और काशीपुर में नशा तस्करी, अवैध हथियार और श्रमिक विवाद से जुड़े मामले सामने आए हैं, जबकि नैनीताल जिले के हल्द्वानी और रामनगर क्षेत्रों में स्टंटबाजी और वसूली की घटनाएं चर्चा में रहीं। उधमसिंह नगर में दिन दिहाड़े आधुनिक हथियारों से गुरूद्वारा प्रबंधक की हत्या ने भी प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। राज्य में जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में भी तेजी आई है। देहरादून, हरिद्वार, काशीपुर और हल्द्वानी में फर्जी रजिस्ट्री, डबल सेलिंग, अवैध प्लॉटिंग और सरकारी व वन भूमि को निजी बताकर बेचने के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सख्त पुलिस कार्रवाई के चलते कुछ अपराधियों के उत्तराखंड को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। सीमावर्ती जिलों में बाहरी अपराधियों की आवाजाही को लेकर निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। इन परिस्थितियों के बीच पुलिस कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि मामलों की मजबूत विवेचना भी जरूरी है। कई मामलों में कमजोर धाराओं और अपर्याप्त साक्ष्यों के चलते आरोपी जल्द जमानत पर छूट जाते हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। ऐसे में अपेक्षा की जा रही है कि मामलों में सख्त धाराएं लगाई जाएं, साक्ष्य संकलन को मजबूत किया जाए और समयबद्ध तरीके से ठोस चार्जशीट दाखिल की जाए। साथ ही, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए खुफिया तंत्र (इंटेलिजेंस नेटवर्क) को और अधिक सक्रिय किए जाने की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, अंतर-राज्यीय सूचनाओं के आदान-प्रदान को तेज करने और संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते निगरानी रखने से कई घटनाओं को पहले ही रोका जा सकता है। गौरतलब है कि वर्ष 2024 में तत्कालीन प्रभारी डीजीपी अभिनव कुमार ने ‘एनकाउंटर कल्चर’ को लेकर दिया गया बयान भी उस समय चर्चा में रहा था। वर्तमान हालात में एक वर्ग सख्त पुलिसिंग की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई पर जोर दे रहा है। फिलहाल, प्रदेश में बढ़ते अपराधों के बीच आम जनता की मांग स्पष्ट है। सुरक्षित माहौल, प्रभावी पुलिसिंग, मजबूत खुफिया तंत्र और ऐसा तंत्र, जिसमें अपराधियों के मन में कानून का वास्तविक भय स्थापित हो सके।
राजपुर रोड पर रिटायर ब्रिगेडियर की गोली लगने से हुई हत्या देहरादून। रिटायर लोगों का शहर कहे जाने वाले देहरादून में अब रिटायर लोग भी सुरक्षित नहीं है। जिसका ताजा…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अंतर्गत उत्तराखंड में नियोजित, संतुलित एवं सतत शहरी विकास को गति देने के उद्देश्य से आवास विभाग द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित अमृत 1.0 योजना के अंतर्गत प्रस्तावित हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर आज राज्य सचिवालय, देहरादून में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भविष्य के शहरों का रोडमैप बैठक में हरिद्वार एवं रुड़की क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें भूमि उपयोग, आवासीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास, यातायात प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई। शशि मोहन श्रीवास्तव, चीफ टॉउन एंड कन्ट्री प्लॉनर ने इस योजना की बावत सभी महत्वपूर्ण जानकारी सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार से साझा की। शशि मोहन श्रीवास्तव द्वारा महायोजना के प्रारूप की विस्तृत प्रस्तुति देते हुए अब तक की गई कार्यवाही और आगामी चरणों की जानकारी दी गई। सार्वजनिक सहभागिता को मिला विशेष महत्व उल्लेखनीय है कि हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर सार्वजनिक सुनवाई की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत हरिद्वार महायोजना के लिए लगभग 350 तथा रुड़की महायोजना के लिए लगभग 550 सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। बैठक के दौरान इन सभी आपत्तियों एवं सुझावों पर बिंदुवार चर्चा करते हुए उनके निस्तारण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर मंथन किया गया। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त प्रत्येक सुझाव का गंभीरता, पारदर्शिता एवं नियमानुसार परीक्षण किया जाए, ताकि महायोजना जनअपेक्षाओं के अनुरूप और व्यावहारिक बन सके। नियोजित विकास से सशक्त होगा हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 का उद्देश्य केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, बेहतर यातायात व्यवस्था, सुदृढ़ आधारभूत ढांचा और नागरिकों को उच्च जीवन स्तर प्रदान करना भी शामिल है। सार्वजनिक सुनवाई के माध्यम से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया है, ताकि महायोजना वास्तविक जरूरतों को प्रतिबिंबित कर सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए महायोजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए, जिससे क्षेत्र के नियोजित एवं सतत विकास को नई गति मिल सके। शीघ्र अनुमोदन की दिशा में कार्रवाई बैठक के अंत में आवास सचिव द्वारा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि इसे शीघ्र शासन स्तर पर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि महायोजना का प्रभावी क्रियान्वयन आने वाले वर्षों में हरिद्वार एवं रुड़की को आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। भारतीय सेना के युवाओं को जागरूक और प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘कारवां टॉकीज़ - जाइन इण्डियन आर्मी’ अभियान के अंतर्गत 15 और 16 जुलाई को…
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