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रुद्रप्रयाग के भूतपूर्व छात्र डॉ. नवीन पाण्डेय ने नई दिल्ली में दिया शोधपरक व्याख्यान भारतीय ज्ञान-परंपरा के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्षों पर डाला प्रकाश रुद्रप्रयाग। भारतीय ज्ञान-परंपरा के वैज्ञानिक, दार्शनिक एवं शास्त्रीय पक्षों को समकालीन संदर्भों में समझने की दिशा में आयोजित चातुर्मास कार्यशाला में श्री 108 स्वामी सच्चिदानन्द वेद भवन संस्कृत महाविद्यालय रुद्रप्रयाग के भूतपूर्व छात्र एवं वर्तमान में…
द्वितीय चरण के पहले दिन नारायणकोटी पहुंची उत्सव डोली केदारघाटी के गांवों और तीर्थस्थलों में देंगी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद रुद्रप्रयाग। सिद्धपीठ कालीमठ में रविवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। वेद ऋचाओं के गूंजते स्वर, ढोल-दमाऊं की थाप और मां काली के जयकारों के बीच भगवती कालीमाई की द्वितीय चरण की दिवारा यात्रा का विधिवत शुभारंभ…
लाठी डंडे लेकर देर रात तक करती हैं पहरेदारी देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के ओल्ड मसूरी रोड स्थित थानी गांव में रात के समय नशे के सौदागरों व संदिग्ध लोगों की आवाजाही से परेशान महिलाओं ने खुद पहरेदारी करने का फैसला लिया है। गांव के करीब 350 परिवारों की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित 30 से 35…
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स्वास्थ्य महकमे में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्यः डॉ धन सिंह डीजी हेल्थ व…
टिहरी। टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर प्राइवेट बस के पलटने से उसमें सवार…
पीजी कोर्स के उपरांत राज्य सेवा में लौटे डॉक्टरों को मिली तैनाती…
राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने जारी किये परीक्षा परिणाम 31 नर्सिंग…
एम्स ऋषिकेश में पांचवां दीक्षांत समारोह आयोजित देश के प्रत्येक गरीब व्यक्ति…
रुद्रप्रयाग। गढ़वाल लोक सभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल…
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या साल…
मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में चार और पिथौरागढ़ में तैनात होंगी दो फैकल्टी…
लाठी डंडे लेकर देर रात तक करती हैं पहरेदारी देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के ओल्ड मसूरी रोड स्थित थानी गांव में रात के समय नशे के सौदागरों व संदिग्ध लोगों की आवाजाही से परेशान महिलाओं ने खुद पहरेदारी करने का फैसला लिया है। गांव के करीब 350 परिवारों की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित 30 से 35 महिलाएं शाम से देर रात तक लाठी-डंडे लेकर गांव की सड़कों पर पहरा दे रही हैं। महिलाओं का आरोप है कि बाहरी लोग रात में नशा खरीदने के लिए गांव में आते हैं। कई बार इनके बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है। महिलाओं का कहना है कि पुलिस से शिकायत के बाद कुछ दिनों तक पुलिस और पीएसी की तैनाती हुई, लेकिन नियमित गश्त नहीं होने के कारण अब उन्होंने खुद गांव की निगरानी शुरू कर दी है। महिलाओं ने मामले को लेकर जिलाधिकारी से मिलने और ज्ञापन देने की तैयारी भी शुरू कर दी है। महिलाओं के अनुसार उनकी पहरेदारी शाम करीब 5 बजे शुरू होती है और रात 12 बजे तक जारी रहती है। गांव के किसी मोहल्ले में बाहरी व्यक्ति के नशा खरीदने के लिए पहुंचने की सूचना मिलते ही महिलाएं एक-दूसरे को फोन कर सक्रिय हो जाती हैं। इसके बाद कई महिलाएं मौके पर पहुंचकर संदिग्ध लोगों से पूछताछ करती हैं और उन्हें वहां से वापस भेजती हैं। महिलाओं का कहना है कि घर का कामकाज संभालने के साथ रात में पहरा देना आसान नहीं है, लेकिन गांव को नशे के कारोबार से बचाने के लिए उन्होंने यह जिम्मेदारी उठाई है। बारिश के मौसम में बुजुर्ग महिलाओं की ड्यूटी का समय कम किया गया है। सुधा ने कहा कि राजपुर थाना पुलिस और पुलिस अधिकारियों से मामले की शिकायत की थी। इसके बाद कुठाल गेट चौकी से पुलिसकर्मी गांव पहुंचे। महिलाओं का कहना है कि करीब दो दिन तक एक पीएसी जवान और एक कांस्टेबल की तैनाती भी की गई, लेकिन इसके बाद नियमित सुरक्षा व्यवस्था नहीं रही। 14 अगस्त के बाद पुलिस की नियमित मौजूदगी दिखाई नहीं दी। इसके बाद उन्होंने खुद रात में पहरा देने का फैसला किया। महिलाओं ने कहा कि वे लंबे समय तक लाठी-डंडे लेकर रात में पहरा देने का जोखिम नहीं उठा सकती। अब वे जिलाधिकारी से मुलाकात कर गांव में नियमित पुलिस गश्त, नशे के कारोबार पर कार्रवाई और महिलाओं की सुरक्षा करने की मांग करेंगी। महिलाओं ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ शुरू किया गया उनका अभियान फिलहाल जारी रहेगा। गांव के बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रशासन को भी गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अंतर्गत उत्तराखंड में नियोजित, संतुलित एवं सतत शहरी विकास को गति देने के उद्देश्य से आवास विभाग द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित अमृत 1.0 योजना के अंतर्गत प्रस्तावित हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर आज राज्य सचिवालय, देहरादून में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भविष्य के शहरों का रोडमैप बैठक में हरिद्वार एवं रुड़की क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें भूमि उपयोग, आवासीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास, यातायात प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई। शशि मोहन श्रीवास्तव, चीफ टॉउन एंड कन्ट्री प्लॉनर ने इस योजना की बावत सभी महत्वपूर्ण जानकारी सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार से साझा की। शशि मोहन श्रीवास्तव द्वारा महायोजना के प्रारूप की विस्तृत प्रस्तुति देते हुए अब तक की गई कार्यवाही और आगामी चरणों की जानकारी दी गई। सार्वजनिक सहभागिता को मिला विशेष महत्व उल्लेखनीय है कि हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर सार्वजनिक सुनवाई की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत हरिद्वार महायोजना के लिए लगभग 350 तथा रुड़की महायोजना के लिए लगभग 550 सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। बैठक के दौरान इन सभी आपत्तियों एवं सुझावों पर बिंदुवार चर्चा करते हुए उनके निस्तारण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर मंथन किया गया। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त प्रत्येक सुझाव का गंभीरता, पारदर्शिता एवं नियमानुसार परीक्षण किया जाए, ताकि महायोजना जनअपेक्षाओं के अनुरूप और व्यावहारिक बन सके। नियोजित विकास से सशक्त होगा हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 का उद्देश्य केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, बेहतर यातायात व्यवस्था, सुदृढ़ आधारभूत ढांचा और नागरिकों को उच्च जीवन स्तर प्रदान करना भी शामिल है। सार्वजनिक सुनवाई के माध्यम से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया है, ताकि महायोजना वास्तविक जरूरतों को प्रतिबिंबित कर सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए महायोजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए, जिससे क्षेत्र के नियोजित एवं सतत विकास को नई गति मिल सके। शीघ्र अनुमोदन की दिशा में कार्रवाई बैठक के अंत में आवास सचिव द्वारा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि इसे शीघ्र शासन स्तर पर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि महायोजना का प्रभावी क्रियान्वयन आने वाले वर्षों में हरिद्वार एवं रुड़की को आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। भारतीय सेना के युवाओं को जागरूक और प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘कारवां टॉकीज़ - जाइन इण्डियन आर्मी’ अभियान के अंतर्गत 15 और 16 जुलाई को…
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