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हेमवती नंदन विवि से सम्बन्धित कई फर्जी दस्तावेज बरामद पौड़ी। उत्तराखण्ड में शिक्षा जगत से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने से तहलका मच गया है। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल करने वाले एक संगठित नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में…
देहरादून। प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। मंत्री ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम के अंतर्गत रामनगर तथा टनकपुर में निर्माणाधीन बस स्टेशनों का निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि उक्त स्टेशनों का निर्माण कार्य लगभग 70 प्रतिशत तक पूर्ण कर…
चमोली। जिले में रविवार रात से सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश से अलकनंदा नदी विकराल रूप धारण करते हुए तेज बहाव के साथ वार्निंग लेवल के करीब पहुंच गई है। नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है, जबकि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इतना ही नही बढे जलस्तर के कारण…
हेमवती नंदन विवि से सम्बन्धित कई फर्जी दस्तावेज बरामद पौड़ी। उत्तराखण्ड में…
स्वास्थ्य महकमे में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्यः डॉ धन सिंह डीजी हेल्थ व…
टिहरी। टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर प्राइवेट बस के पलटने से उसमें सवार…
पीजी कोर्स के उपरांत राज्य सेवा में लौटे डॉक्टरों को मिली तैनाती…
राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने जारी किये परीक्षा परिणाम 31 नर्सिंग…
एम्स ऋषिकेश में पांचवां दीक्षांत समारोह आयोजित देश के प्रत्येक गरीब व्यक्ति…
रुद्रप्रयाग। गढ़वाल लोक सभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल…
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या साल…
मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में चार और पिथौरागढ़ में तैनात होंगी दो फैकल्टी…
हेमवती नंदन विवि से सम्बन्धित कई फर्जी दस्तावेज बरामद पौड़ी। उत्तराखण्ड में शिक्षा जगत से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने से तहलका मच गया है। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल करने वाले एक संगठित नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में बड़ी कार्यवाही करते हुए पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके कब्जे से विश्वविद्यालय से संबंधित कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। शिक्षा जगत से जुड़े इस बड़े फर्जीवाड़े के मामले का खुलासा तब हुआ जब एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने मार्च 2026 में श्रीनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी और गैरकृसरकारी संस्थानों में कार्यरत अभ्यर्थियों की डिग्रियों और अंकतालिकाओं का सत्यापन विश्वविद्यालय से कराया जा रहा था। जब इन दस्तावेजों का विश्वविद्यालय के मूल रिकॉर्ड से मिलान किया गया तो कई मार्कशीट और डिग्रियां रिकॉर्ड से मेल नहीं खाईं। जांच में कई ऐसे दस्तावेज भी मिले जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड विश्वविद्यालय के पास मौजूद नहीं था। विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय के नाम, आधिकारिक मोहर, डिग्री प्रारूप और संबंधित अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर नकली शैक्षणिक दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। इन दस्तावेजों का कथित तौर पर नौकरी और अन्य सरकारी कार्यों में उपयोग किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति को जानकारी दी, जिसके बाद श्रीनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर श्रीनगर कोतवाली में सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। कोतवाली श्रीनगर की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय पुलिस की मदद से उत्तर प्रदेश के बिजनौर में छापेमारी कर नामजद आरोपी कासिफ कलीम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से गढ़वाल विश्वविद्यालय के नाम पर तैयार की गई कई फर्जी अंकतालिकाएं, कूटरचित डिग्रियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून में बीएससी का छात्र था। परीक्षा में असफल होने के बाद उसने खुद को योग्य साबित करने और नौकरी हासिल करने के उद्देश्य से फर्जी मार्कशीट और शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करना शुरू कर दिया। पुलिस का मानना है कि यह अकेले व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि एक संगठित फर्जी डिग्री नेटवर्क हो सकता है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि अब तक कितने लोगों ने इन नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नौकरी या अन्य लाभ हासिल किए हैं और इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव में कई उम्मीदवारों का बिगाड़ सकता हैं गणित पहले चरण की प्रक्रिया में 7 जुलाई को संपन्न हो रही करीब 4,95,232 मतदाताओं के नाम एसआईआर शुरू होने…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अंतर्गत उत्तराखंड में नियोजित, संतुलित एवं सतत शहरी विकास को गति देने के उद्देश्य से आवास विभाग द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित अमृत 1.0 योजना के अंतर्गत प्रस्तावित हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर आज राज्य सचिवालय, देहरादून में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भविष्य के शहरों का रोडमैप बैठक में हरिद्वार एवं रुड़की क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें भूमि उपयोग, आवासीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास, यातायात प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई। शशि मोहन श्रीवास्तव, चीफ टॉउन एंड कन्ट्री प्लॉनर ने इस योजना की बावत सभी महत्वपूर्ण जानकारी सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार से साझा की। शशि मोहन श्रीवास्तव द्वारा महायोजना के प्रारूप की विस्तृत प्रस्तुति देते हुए अब तक की गई कार्यवाही और आगामी चरणों की जानकारी दी गई। सार्वजनिक सहभागिता को मिला विशेष महत्व उल्लेखनीय है कि हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर सार्वजनिक सुनवाई की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत हरिद्वार महायोजना के लिए लगभग 350 तथा रुड़की महायोजना के लिए लगभग 550 सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। बैठक के दौरान इन सभी आपत्तियों एवं सुझावों पर बिंदुवार चर्चा करते हुए उनके निस्तारण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर मंथन किया गया। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त प्रत्येक सुझाव का गंभीरता, पारदर्शिता एवं नियमानुसार परीक्षण किया जाए, ताकि महायोजना जनअपेक्षाओं के अनुरूप और व्यावहारिक बन सके। नियोजित विकास से सशक्त होगा हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 का उद्देश्य केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, बेहतर यातायात व्यवस्था, सुदृढ़ आधारभूत ढांचा और नागरिकों को उच्च जीवन स्तर प्रदान करना भी शामिल है। सार्वजनिक सुनवाई के माध्यम से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया है, ताकि महायोजना वास्तविक जरूरतों को प्रतिबिंबित कर सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए महायोजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए, जिससे क्षेत्र के नियोजित एवं सतत विकास को नई गति मिल सके। शीघ्र अनुमोदन की दिशा में कार्रवाई बैठक के अंत में आवास सचिव द्वारा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि इसे शीघ्र शासन स्तर पर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि महायोजना का प्रभावी क्रियान्वयन आने वाले वर्षों में हरिद्वार एवं रुड़की को आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। भारतीय सेना के युवाओं को जागरूक और प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘कारवां टॉकीज़ - जाइन इण्डियन आर्मी’ अभियान के अंतर्गत 15 और 16 जुलाई को…
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