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मेधावी दिव्यांगजन खिलाड़ियों के प्रति जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने का मिलेगा अवसर देहरादून। जनपद देहरादून में दिव्यांगजनों के लिए खेल सुविधाओं के विस्तार एवं उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशन में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल की है। राज्य में प्रथमबार दिव्यांगजनों…
देहरादून। उत्तराखंड के पुलिस महकमे में फिर बड़ा फेरबदल हुआ है। इस बार 15 डीएसपी (सीओ) को ट्रांसफर किया गया है। इनमें 10 डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस वो हैं जिन्हें हाल ही में पदोन्नति दी गई थी। अब इन्हें नई पोस्टिंग दे दी गई है। 5 डीएसपी का तबादला हुआ है। पिछले महीने पुलिस के सभी सवर्गों से इंस्पेक्टरों की…
यूपी की सीएम योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम होंगे शामिल देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड दौरा लगभग तय हो गया है। अभी तक जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार आगामी 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र उत्तराखंड आ सकते हैं, तभी पीएम मोदी देहरादून में दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। संभावना जताई जा रहा है कि इस दौरान उत्तर…
मेधावी दिव्यांगजन खिलाड़ियों के प्रति जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल प्रतिभाओं को…
स्वास्थ्य महकमे में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्यः डॉ धन सिंह डीजी हेल्थ व…
टिहरी। टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर प्राइवेट बस के पलटने से उसमें सवार…
पीजी कोर्स के उपरांत राज्य सेवा में लौटे डॉक्टरों को मिली तैनाती…
राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने जारी किये परीक्षा परिणाम 31 नर्सिंग…
एम्स ऋषिकेश में पांचवां दीक्षांत समारोह आयोजित देश के प्रत्येक गरीब व्यक्ति…
रुद्रप्रयाग। गढ़वाल लोक सभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल…
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या साल…
मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में चार और पिथौरागढ़ में तैनात होंगी दो फैकल्टी…
किसान नेता राकेश टिकैत बोले दिव्याशु की हत्या का इंसाफ चाहिए आशारोड़ी चेकपोस्ट पर शोक सभा के साथ विरोध प्रदर्शन किया दिव्यांशु के दादा हरबीर सिंह मीडिया के सामने फफक पड़े देहरादून। राजधानी देहरादून में बीते 23 मार्च को मुजफ्फरनगर के छात्र दिव्यांशु जटराना की हत्या हुई थी। दिव्यांशु जटराना की हत्या का मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है। किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के तराई इलाकों से हजारों किसान देहरादून पहुंचे और देहरादून के आशारोड़ी चेकपोस्ट पर शोक सभा के साथ विरोध प्रदर्शन किया। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में 23 मार्च को छात्रों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस झड़प में मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले छात्र दिव्यांशु जटराना की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आज शुक्रवार तीन अप्रैल को आशारोड़ी चेक पोस्ट पर दिव्यांशु को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक सभा का आयोजन किया गया, जो देखते ही देखते बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया। इस प्रदर्शन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली, मेरठ, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बिजनौर के अलावा उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून से भी बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। हजारों की संख्या में पहुंचे किसानों ने दिव्यांशु को श्रद्धांजलि दी और उसके लिए न्याय की मांग उठाई। किसानों ने देहरादून में बढ़ते अपराध और नशे के कारोबार को लेकर भी कड़ा विरोध जताया। शोक सभा के दौरान भावुक पल भी देखने को मिला, जब दिव्यांशु के दादा हरबीर सिंह मीडिया के सामने फफक पड़े। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का सहारा छिन गया है और अब उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि देहरादून को हमेशा एक शांत और शिक्षा नगरी के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन अब यहां का माहौल बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान अपने बच्चों को पढ़ने के लिए देहरादून भेजते हैं, लेकिन अगर ऐसी घटनाएं होती रहीं तो लोग अपने बच्चों को यहां भेजना बंद कर देंगे। टिकैत ने देहरादून में बढ़ते नशे के कारोबार पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पहचान इस तरह से नहीं बदलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे का कारोबार बिना पुलिस की लापरवाही के संभव नहीं है। खासकर शैक्षणिक संस्थानों के आसपास ड्रग्स की उपलब्धता पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर निशाना किसान नेता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने मूल काम से भटककर अन्य गतिविधियों में उलझी हुई है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रॉपर्टी से जुड़े बाहरी तत्व सक्रिय हो गए हैं और स्थानीय लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। पलायन, किसान और व्यवस्था पर चिंता टिकैत ने उत्तराखंड में पलायन और किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहाड़ के मूल निवासी पलायन कर रहे हैं, जबकि बाहरी लोग यहां आकर बस रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है और व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। दिव्यांशु जटराना की मौत ने न सिर्फ एक परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि देहरादून की कानून-व्यवस्था और सामाजिक हालात पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आशारोड़ी में किसानों का यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन का रूप ले सकता है, अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।
किसान नेता राकेश टिकैत बोले दिव्याशु की हत्या का इंसाफ चाहिए आशारोड़ी चेकपोस्ट पर शोक सभा के साथ विरोध प्रदर्शन किया दिव्यांशु के दादा हरबीर सिंह मीडिया के सामने फफक…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अंतर्गत उत्तराखंड में नियोजित, संतुलित एवं सतत शहरी विकास को गति देने के उद्देश्य से आवास विभाग द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित अमृत 1.0 योजना के अंतर्गत प्रस्तावित हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर आज राज्य सचिवालय, देहरादून में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भविष्य के शहरों का रोडमैप बैठक में हरिद्वार एवं रुड़की क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें भूमि उपयोग, आवासीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास, यातायात प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई। शशि मोहन श्रीवास्तव, चीफ टॉउन एंड कन्ट्री प्लॉनर ने इस योजना की बावत सभी महत्वपूर्ण जानकारी सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार से साझा की। शशि मोहन श्रीवास्तव द्वारा महायोजना के प्रारूप की विस्तृत प्रस्तुति देते हुए अब तक की गई कार्यवाही और आगामी चरणों की जानकारी दी गई। सार्वजनिक सहभागिता को मिला विशेष महत्व उल्लेखनीय है कि हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर सार्वजनिक सुनवाई की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत हरिद्वार महायोजना के लिए लगभग 350 तथा रुड़की महायोजना के लिए लगभग 550 सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। बैठक के दौरान इन सभी आपत्तियों एवं सुझावों पर बिंदुवार चर्चा करते हुए उनके निस्तारण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर मंथन किया गया। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त प्रत्येक सुझाव का गंभीरता, पारदर्शिता एवं नियमानुसार परीक्षण किया जाए, ताकि महायोजना जनअपेक्षाओं के अनुरूप और व्यावहारिक बन सके। नियोजित विकास से सशक्त होगा हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 का उद्देश्य केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, बेहतर यातायात व्यवस्था, सुदृढ़ आधारभूत ढांचा और नागरिकों को उच्च जीवन स्तर प्रदान करना भी शामिल है। सार्वजनिक सुनवाई के माध्यम से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया है, ताकि महायोजना वास्तविक जरूरतों को प्रतिबिंबित कर सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए महायोजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए, जिससे क्षेत्र के नियोजित एवं सतत विकास को नई गति मिल सके। शीघ्र अनुमोदन की दिशा में कार्रवाई बैठक के अंत में आवास सचिव द्वारा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि इसे शीघ्र शासन स्तर पर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि महायोजना का प्रभावी क्रियान्वयन आने वाले वर्षों में हरिद्वार एवं रुड़की को आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। भारतीय सेना के युवाओं को जागरूक और प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘कारवां टॉकीज़ - जाइन इण्डियन आर्मी’ अभियान के अंतर्गत 15 और 16 जुलाई को…
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