Hot News
अध्यक्ष ने अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश रुद्रप्रयाग। विकासखंड ऊखीमठ सभागार में ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल मुख्य रूप से मौजूद रहीं। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की पेयजल, सड़क, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, आपदा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं…
नए मामलों में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी, निस्तारण की गति बहुत धीमी काशीपुर। उत्तराखंड सरकार भले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का दावा करती हो, लेकिन राज्य में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या अलग तस्वीर पेश कर रही है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड की विशेष भ्रष्टाचार निरोधक अदालतों…
पुलिस की गठित टीमें आरोपी की तलाश में जुटी आरोपी ने प्रधानाचार्य पर चाकू से ताबड़तोड़ किए कई वार बागेश्वर। जिले में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। राजकीय इंटर कॉलेज भटकोला के प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की स्कूल जाते समय धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद से ही पूरे…
अध्यक्ष ने अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश रुद्रप्रयाग।…
स्वास्थ्य महकमे में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्यः डॉ धन सिंह डीजी हेल्थ व…
टिहरी। टिहरी-घनसाली मोटर मार्ग पर प्राइवेट बस के पलटने से उसमें सवार…
पीजी कोर्स के उपरांत राज्य सेवा में लौटे डॉक्टरों को मिली तैनाती…
राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने जारी किये परीक्षा परिणाम 31 नर्सिंग…
एम्स ऋषिकेश में पांचवां दीक्षांत समारोह आयोजित देश के प्रत्येक गरीब व्यक्ति…
रुद्रप्रयाग। गढ़वाल लोक सभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल…
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या साल…
मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में चार और पिथौरागढ़ में तैनात होंगी दो फैकल्टी…
नए मामलों में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी, निस्तारण की गति बहुत धीमी काशीपुर। उत्तराखंड सरकार भले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का दावा करती हो, लेकिन राज्य में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या अलग तस्वीर पेश कर रही है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड की विशेष भ्रष्टाचार निरोधक अदालतों में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 की शुरुआत में जहां ऐसे 368 मामले लंबित थे, वहीं वर्ष 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत तक यह संख्या बढ़कर 506 पहुंच गई है। यह जानकारी काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उत्तराखंड हाईकोर्ट के लोक सूचना अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई है। नदीम उद्दीन ने उत्तराखंड के विशेष भ्रष्टाचार निरोधक न्यायालयों में लंबित और निस्तारित मामलों का पूरा विवरण मांगा था। हाईकोर्ट के राज्य लोक सूचना अधिकारी एवं संयुक्त रजिस्ट्रार एच.एस. जीना की उपलब्ध कराई गई सूचना में वर्ष 2023, 2024 और 2025 के आंकड़ों का विवरण शामिल है। तीन विशेष अदालतों में 506 मामले लंबित है। 31 दिसंबर 2025 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड की तीन विशेष भ्रष्टाचार निरोधक अदालतों में कुल 506 मामले लंबित हैं। इनमें स्पेशल जज (सीबीआई), देहरादून में 64 मामले, स्पेशल जज (विजिलेंस), देहरादून में 248 मामले, स्पेशल जज (एंटी करप्शन), हल्द्वानी में 194 मामले लंबित है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 की शुरुआत में 368 लंबित थे जो कि वर्ष 2023 के अंत 98 नए मामले दर्ज हुए इस प्रकार 433 मामले लंबित रहे वर्ष 2023 में 33 मामलों को निस्तारण किया गया। वर्ष 2024 में 79 मामले दर्ज हुए इस प्रकार मामले बढ़कर 480 हो गए वर्ष 2024 में 32 मामले निस्तारित हुए। 2025 में 48 नए मामले दर्ज हुए इस प्रकार दर्ज मामलों की संख्या बढ़कर 506 हो गई जबकि वर्ष 2025 में 22 मामलों का निस्तारण किया गया। आंकड़ों से स्पष्ट है कि नए मामलों की तुलना में निस्तारण की गति काफी धीमी रही, जिसके कारण लंबित मामलों का बोझ लगातार बढ़ता गया। आरटीआई के अनुसार उत्तराखंड हाईकोर्ट में भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की बड़ी संख्या लंबित है। 2023 की शुरुआत हाईकोर्ट में 226 मामले लंबित थे, 2023 के अंत में 249 मामले हो गए। 2024 के अंत में 294 मामले हो गए। 2025 के अंत व 2026 की शुरुआत 290 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं इनमें प्रमुख रूप से अपील, रिवीजन, विभिन्न धाराओं के तहत विविध प्रार्थना पत्र और जमानत याचिकाएं शामिल हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि भ्रष्टाचार के मामलों का समयबद्ध निस्तारण न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए आवश्यक है। लंबित मामलों की लगातार बढ़ती संख्या न्यायिक प्रक्रिया की गति और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है। हालांकि, इन आंकड़ों से केवल लंबित मामलों की संख्या सामने आती है। किसी भी मामले में दोष सिद्ध होना या आरोपी का दोषी होना न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करता है।
नए मामलों में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी, निस्तारण की गति बहुत धीमी काशीपुर। उत्तराखंड सरकार भले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का दावा करती हो, लेकिन राज्य…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अंतर्गत उत्तराखंड में नियोजित, संतुलित एवं सतत शहरी विकास को गति देने के उद्देश्य से आवास विभाग द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित अमृत 1.0 योजना के अंतर्गत प्रस्तावित हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर आज राज्य सचिवालय, देहरादून में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भविष्य के शहरों का रोडमैप बैठक में हरिद्वार एवं रुड़की क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें भूमि उपयोग, आवासीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास, यातायात प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई। शशि मोहन श्रीवास्तव, चीफ टॉउन एंड कन्ट्री प्लॉनर ने इस योजना की बावत सभी महत्वपूर्ण जानकारी सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार से साझा की। शशि मोहन श्रीवास्तव द्वारा महायोजना के प्रारूप की विस्तृत प्रस्तुति देते हुए अब तक की गई कार्यवाही और आगामी चरणों की जानकारी दी गई। सार्वजनिक सहभागिता को मिला विशेष महत्व उल्लेखनीय है कि हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 के प्रारूप पर सार्वजनिक सुनवाई की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत हरिद्वार महायोजना के लिए लगभग 350 तथा रुड़की महायोजना के लिए लगभग 550 सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। बैठक के दौरान इन सभी आपत्तियों एवं सुझावों पर बिंदुवार चर्चा करते हुए उनके निस्तारण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर मंथन किया गया। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त प्रत्येक सुझाव का गंभीरता, पारदर्शिता एवं नियमानुसार परीक्षण किया जाए, ताकि महायोजना जनअपेक्षाओं के अनुरूप और व्यावहारिक बन सके। नियोजित विकास से सशक्त होगा हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हरिद्वार एवं रुड़की महायोजना-2041 का उद्देश्य केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, बेहतर यातायात व्यवस्था, सुदृढ़ आधारभूत ढांचा और नागरिकों को उच्च जीवन स्तर प्रदान करना भी शामिल है। सार्वजनिक सुनवाई के माध्यम से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया है, ताकि महायोजना वास्तविक जरूरतों को प्रतिबिंबित कर सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए महायोजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए, जिससे क्षेत्र के नियोजित एवं सतत विकास को नई गति मिल सके। शीघ्र अनुमोदन की दिशा में कार्रवाई बैठक के अंत में आवास सचिव द्वारा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि इसे शीघ्र शासन स्तर पर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि महायोजना का प्रभावी क्रियान्वयन आने वाले वर्षों में हरिद्वार एवं रुड़की को आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। भारतीय सेना के युवाओं को जागरूक और प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘कारवां टॉकीज़ - जाइन इण्डियन आर्मी’ अभियान के अंतर्गत 15 और 16 जुलाई को…
Sign in to your account
