पर्यटन मंत्री सतपाल पहुंचे बद्री-केदार धाम
पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
यात्रा व्यवस्थाओं का लिया विस्तृत जायजा
रूद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज सोमवार को भगवान केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
मंत्री सतपाल महाराज ने बाबा केदार और भगवान बद्रीविशाल के समक्ष विश्व शांति, मानव कल्याण और वर्तमान वैश्विक संकटों से मुक्ति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक शक्ति पूरे विश्व को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है और चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि मानवता और संस्कृति के संरक्षण का भी प्रतीक है।
धामों में दर्शन के उपरांत उन्होंने मंदिर परिसर में संचालित पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मीडिया से बातचीत में सतपाल महाराज ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा रिकॉर्ड स्तर पर आगे बढ़ रही है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवभूमि पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और आपदा व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि उनकी संस्था मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 10 करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा कराया गया है। इसके लिए 3 लाख 67 हजार 995 रुपये की प्रीमियम राशि का चेक, सेवाकर सहित, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के माध्यम से यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को प्रदान किया गया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक धाम के लिए 2.50 करोड़ रुपये का बीमा कवर निर्धारित किया गया है।
महाराज ने बताया कि बीमा पॉलिसी के तहत मंदिर परिसर में भगदड़, प्राकृतिक आपदा अथवा आतंकवादी जोखिम जैसी घटनाओं से प्रभावित प्रत्येक श्रद्धालु को एक लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा पर आने से पहले चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए आवश्यक दवाइयां एवं स्वास्थ्य उपकरण साथ रखें। साथ ही यात्रा अनुमति पत्र और पहचान पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ही चारधाम यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बन सकती है। इस अवसर पर उनकी पुत्रवधू श्रीमती आराध्या रावत एवं श्रीमती मोहिना रावत भी उपस्थित रहीं।

