सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा नदी का बहाव
रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के बीच शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसी दौरान गंगानगर क्षेत्र में नदी के मध्य निर्माण कार्य में लगी एक जेसीबी मशीन तेज जलधारा के बीच फंस गई। जेसीबी चालक और उसका एक सहयोगी देखते ही देखते चारों ओर से उफनती नदी से घिर गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष को मोबाइल नंबर 7060016157 के माध्यम से सूचना मिली कि सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद मंदाकिनी नदी का जलप्रवाह अचानक कई गुना बढ़ गया। जलस्तर में आई अप्रत्याशित वृद्धि के कारण नदी के बीच कार्यरत जेसीबी मशीन तेज बहाव में फंस गई और चालक तथा उसका सहयोगी सुरक्षित बाहर नहीं निकल सके।
सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग ने तत्काल राहत एवं बचाव तंत्र को सक्रिय करते हुए एसडीआरएफ, जल पुलिस तथा नगर पंचायत अगस्त्यमुनि की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। बचाव दल ने विषम परिस्थितियों और तेज बहाव के बीच साहस एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए अभियान चलाया और नदी के बीच फंसे दोनों व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई इस त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मानसून के दौरान जिले की सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जिला प्रशासन लगातार नदी-नालों के जलस्तर, मौसम की स्थिति तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही वर्षा के कारण जनपद की अधिकांश नदियों, गाड़-गदेरों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में नदी तटों और जलधाराओं के आसपास किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
जिला प्रशासन ने आमजन, स्थानीय ग्रामीणों, निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों, यात्रियों तथा तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे नदी के बीच, किनारों अथवा जलधाराओं के समीप जाने से बचें। विशेष रूप से मानसून के दौरान बिना प्रशासनिक अनुमति या सुरक्षा व्यवस्था के नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कार्य न करें तथा मौसम और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस नियंत्रण कक्ष अथवा जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दें, ताकि राहत एवं बचाव दल बिना विलंब के मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सकें। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील करते हुए कहा है कि मानसून के दौरान जनसुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
मंदाकिनी में अचानक बढ़ा जलस्तर, नदी के बीच फंसे जेसीबी चालक और सहयोगी
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