नैनीताल। सोमवार रात वनभूलपुरा क्षेत्र में दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल दीं। एसी ठीक करते समय करंट की चपेट में आए 44 वर्षीय पिता को बचाने पहुंची उनकी 12 वर्षीय बेटी भी करंट की चपेट में आ गई। हादसे में पिता-पुत्री दोनों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार 44 वर्षीय नदीम कार के गैराज में काम करते थे। सोमवार रात वह घर की छत पर एसी में आई तकनीकी खराबी को ठीक करने पहुंचे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए। नदीम की चीख सुनकर परिवार में अफरा-तफरी मच गई। पिता को करंट से जूझता देख उनकी 12 वर्षीय बेटी अलिस्बा उन्हें बचाने के लिए दौड़ी। बताया जा रहा है कि पिता को हाथ लगाते ही अलिस्बा भी बिजली की चपेट में आ गई। परिजनों और आसपास के लोगों ने तत्काल बिजली की आपूर्ति बंद कराई और दोनों को गंभीर हालत में डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद पिता-पुत्री दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। वनभूलपुरा कोतवाल दिनेश फर्त्याल के अनुसार, पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी में पास स्थित खुले बिजली के पोल से करंट फैलने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि अलिस्बा तीन बहनों में सबसे बड़ी थी और गुरु तेग बहादुर स्कूल में कक्षा छह की छात्रा थी। जिस उम्र में उसके हाथों में किताबें और स्कूल बैग होने चाहिए थे, उसी उम्र में पिता को बचाने की कोशिश करते हुए उसकी भी जान चली गई।

