मौसम को लेकर प्रशासन ने यात्रियों को किया सतर्क
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छौड़ी क्षेत्र में पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा गिरने के कारण बाधित हुआ मार्ग आखिरकार घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा सुचारू कर दिया गया। मार्ग खुलते ही रुके हुए तीर्थ यात्रियों ने राहत की सांस ली और प्रशासन की निगरानी में यात्रा फिर से शुरू कराई गई।
मंगलवार देर रात हुई भारी बारिश के बाद छौड़ी क्षेत्र में अचानक भूस्खलन होने से पैदल मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने तत्काल यात्रियों की आवाजाही रोक दी थी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया था।
बुधवार सुबह से ही डीडीआरएफ, पुलिस और मजदूरों की संयुक्त टीम राहत एवं बहाली कार्य में जुट गई। लगातार प्रयासों के बाद मार्ग से बोल्डर और मलबा हटाकर उसे दोबारा आवाजाही के लिए सुरक्षित बनाया गया। करीब 8 घंटे बाद मार्ग को सुचारू की गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि, कई घंटों की लगातार मशक्कत के बाद पैदल मार्ग को सुचारू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यात्रा प्रशासन की निगरानी में संचालित की जा रही है और यात्रियों से मौसम को देखते हुए पूरी सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। गौर है कि, उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कई छोटे-बड़े मार्ग लैंडस्लाइड और मलबा आने से बंद हो रहे हैं। जबकि नदी नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। लगातार हो रही बारिश से चारधाम यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

