कांग्रेसी नेताओं के बयान पर सीएम धामी ने बोला तीखा हमला
कांग्रेस की राजनीति लंबे समय तक परिवारवाद और तुष्टिकरण के इर्द-गिर्द घूमती रही
सरकारी जमीन बेचने को लेकर कांग्रेस कर रही प्रदेश में राजनीति
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में विकास का कोई काम हो, निवेश आए या युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हों कांग्रेस नेताओं को हर अच्छी पहल से परेशानी होने लगती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के सभी नेता इन दिनों ‘नाराज फूफा’ बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति लंबे समय तक परिवारवाद और तुष्टिकरण के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में पारदर्शिता, सुशासन और विकास की राजनीति उसे रास नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को ‘मियां’ ऐसे ही नहीं कहा गया है। सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से गठन किया गया है। सरकार का लक्ष्य राज्य में विकास को गति देना और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय जमीनें बिकती थीं जबकि वर्तमान सरकार में व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। सीएम धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में विकास को गति देना और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। सीएम धामी ने कहा कि जब सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही थी तब कांग्रेस के नेताओं ने इस मुद्दे पर एक शब्द तक नहीं बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है।
सीएम धामी ने शुद्धिकरण प्रकरण को जाति से जोड़ने के प्रयास पर कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर इस विषय पर भ्रम फैलाने और समाज को बांटने की कोशिश की। जबकि, वास्तविकता ये है कि शुद्धिकरण और हवन जिहादी नारों के विरोध में किया गया था। इसका जातिवाद से कोई संबंध नहीं था। इतना ही नहीं इस आयोजन को करने वाले भाई खुद अनुसूचित समाज से थे। इससे कांग्रेस की ओर से गढ़े गए पूरे नैरेटिव की सच्चाई जनता के सामने आ गई है।
शुद्धिकरण प्रकरण को जाति से जोड़कर फैलाया भ्रम
सीएम धामी ने शुद्धिकरण प्रकरण को जाति से जोड़ने के प्रयास पर कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर इस विषय पर भ्रम फैलाने और समाज को बांटने की कोशिश की। जबकि, वास्तविकता ये है कि शुद्धिकरण और हवन जिहादी नारों के विरोध में किया गया था। इसका जातिवाद से कोई संबंध नहीं था। इतना ही नहीं इस आयोजन को करने वाले भाई खुद अनुसूचित समाज से थे। इससे कांग्रेस की ओर से गढ़े गए पूरे नैरेटिव की सच्चाई जनता के सामने आ गई है।
जमीनों को लेकर राजनीति कर रही कांग्रेस
इसके अलावा सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस के पास की मुद्दा नहीं बचा है, तो वहीं अब जमीनों को लेकर राजनीति कर रही है। जबकि, यूआईआईडीबी यानी उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट बोर्ड पहले पंजाब और गुजरात में बन चुकी है, जहां बेहतर काम कर रही है। उसी के तर्ज पर प्रदेश में निवेश बढ़ाने, आर्थिक गतिविधियों को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए इस संस्था को बनाया गया है।
हमारी सरकार ने खाली कराए 13 हजार एकड़ जमीन, कांग्रेस को हो रही परेशानी
सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में करीब 13 हजार एकड़ अतिक्रमित सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। इस कार्रवाई से भी कांग्रेस को परेशानी हो रही है। कांग्रेस इस पर कभी ये नहीं बोलती कि सरकार ने अच्छा काम किया है। यही वजह है कि उन्हें कई नामों की उपाधि दी जाती है।
उत्तराखंड की जमीन हरी घास नहीं, कोई भी आकर चर जाए
बनभूलपुरा में अतिक्रमण के विषय पर कांग्रेस की चुप्पी उसके दोहरे चरित्र को उजागर करती है। क्योंकि, बनभूलपुरा में कांग्रेस पार्टी के लोगों ने बसाया है। सीएम धामी ने कहा कि श्उत्तराखंड की जमीन कोई हरी घास नहीं है कि कोई भी आए और चरकर चला जाए।श् उत्तराखंड की एक-एक इंच जमीन और देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए सरकार पूरी दृढ़ता के साथ काम करती रहेगी।

