कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कालीमाटी बैरियर पर रोके जाने का बाद सरकार के विरोध में उत्तराखंड के खाना बनाने के पारंपरिक बर्तनों के साथ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के झंडे से बने वस्त्र पहने कार्यकर्ता पाबौ निवासी दिगंबर सिंह व अन्य कार्यकर्ताओं ने तोला ओर बंठा सर पर रखकर प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ़ जमकर नारेबाजी की।
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में एक साल में पहली बार दो विधानसभा सत्र आयोजितः सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट पेश करते हुए बताया कि राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में इस साल 2026 में दो बार विधानसभा सत्र आयोजित किए गए हैं। इससे पहले मार्च 2026 में भराड़ीसैंण बजट सत्र भी आयोजित किया गया था, अब अक्टूबर में यहां दूसरा सत्र हो रहा है।
सीएम ने बताया कि 2014 में गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की ऐतिहासिक शुरुआत हुई। 2015 में सत्र केवल दो दिनों तक चला। 2016 इस साल भी सत्र दो दिन चला। 2017 सदन की बैठक दो दिवसीय रही। 2018 विधानसभा की कार्यवाही छह दिनों तक चली। 2019 सत्र का आयोजन नहीं। 2020 सत्र पांच दिनों तक चला। 2021 मार्च में छह दिवसीय बजट सत्र चला। 2022 इस वर्ष यहाँ कोई भी विधानसभा सत्र आयोजित नहीं हो सका। 2023 और 2024 तीन दिवसीय सत्र आयोजित। 2025 बजट सत्र और मानसून सत्र आयोजित किए गए। वर्तमान वर्ष 2026- बजट सत्र के बाद दूसरा सत्र भी यहीं आयोजित हो रहा है।
सीएम ने कहा कि, भराड़ीसैंण में नियमित रूप से इन सत्रों का आयोजन ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में इसके गौरव को तो बढ़ाता ही है, साथ ही यह पहाड़ी इलाकों की बुनियादी चुनौतियों, क्षेत्रीय प्रगति और स्थानीय नागरिकों की आकांक्षाओं को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने का एक बेहद असरदार जरिया भी साबित हो रहा है।
सीएम धामी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट का जीवन जनसरोकारों के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने छात्र राजनीति से शुरुआत कर ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और मंत्री के रूप में जनसेवा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए सदैव संघर्षरत रहे। पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका निधन प्रदेश के राजनीतिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण सदैव याद किया जाएगा।
गैरसैंण सत्र के आगाज के साथ ही तेज हुए विपक्ष के नारे
गैरसैंण सत्र हंगामेदार रहने के आसार नजर आ रहे हैं। सत्र की शुरुआत में ही कांग्रेस ने आक्रामक तेवरों के साथ सत्ता पक्ष का स्वागत किया। मुख्यमंत्री के सदन पहुंचने से पहले ही कांग्रेस के सभी विधायक सदन के बाहर सीढ़ियों पर बैठ गए। हाथों में नारों की तख्तियों को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। अंकिता भंडारी हत्याकांड, राज्य में बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा और चंदा चोरी जैसे मुद्दों पर कांग्रेस इस बार सरकार को घेरने की तैयारी में है।

