टीएचडीसी टनल में फंसे 22 लोगों में से 19 का रेस्क्यू, 3 की तलाश जारी
जिला प्रशासन की ओर से रातभर राहत एंव बचाव अभियान लगातार रहा जारी
जिलाधिकारी स्वंय घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं
घटना में 7 लोगों की मृत्यु की हुई पुष्टि, राहत बचाव के लिए टनल में गए सभी 6 लोग सुरक्षित
चमोली। टीएचडीसी टनल में फंसे 22 लोगों में से 19 को बाहर निकाला गया अब तक 7 लोगों की मृत्यु की सूचना मिली है जबकि अभी भी लापता 3 लोगों की तलाश की जा रही है जिसके लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
शुक्रवार को यहां मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से रातभर राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहा। जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं। टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके चलते टनल में कार्यरत कुछ लोग अंदर फंस गए। टनल में कुल 22 लोगों के फंसे होने की सूचना थी, जिनमें से रातभर चले राहत एवं बचाव अभियान में अब तक 19 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। वहीं शेष 3 लोगों की तलाश एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए टनल के अंदर गए 6 बचावकर्मी भी सुरक्षित हैं। घटना में अभी तक 7 लोगों की मृत्यु की सूचना है। रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घायलों के उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है। र9ाहत एवं बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित अन्य तकनीकी एवं विशेषज्ञ टीमें मौके पर मौजूद हैं। टनल के भीतर मलबा एवं पानी की चुनौती के बीच बचाव दल अत्यंत सावधानी एवं समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। नलरीजिलाधिकारी गौरव कुमार ने मौके पर अधिकारियों एवं रेस्क्यू टीमों से लगातार जानकारी लेते हुए शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों एवं तकनीकी सहायता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही घायलों के उपचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी लगातार जुटाई जा रही हैं। ञजिला प्रशासन द्वारा पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा रेस्क्यू अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है।

